धनबाद जज की मौत का मामला: समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर पाथरडीह थानाध्यक्ष निलंबित


 झारखंड के पाथरडीह पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी उमेश मांझी को धनबाद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) उत्तम आनंद की मौत के मामले में समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के लिए निलंबित कर दिया गया है। धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार ने मांझी के निलंबन की पुष्टि की है।

आनंद 25 जुलाई को रणधीर वर्मा चौक पर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे कि तभी पीछे से एक ऑटो रिक्शा आया, जो तेजी से बाईं ओर मुड़ा और उनको टक्कर मारकर भाग गया। एक राहगीर आनंद को अस्पताल ले गया लेकिन बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।

पुलिस द्वारा हत्या की जांच शुरू करने और घटना के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार करने के बाद झारखंड सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि गिरफ्तार किए गए दो लोगों ने दावा किया कि घटना के समय वे "नशे में" थे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को घटना की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उन्होंने घटना की सीबीआई जांच की सिफारिश करने के अपने फैसले की घोषणा करने के लिए ट्विटर का भी सहारा लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को आनंद की मौत पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि अदालत देश भर के न्यायाधीशों के लिए सुरक्षा के बड़े सवालों का समाधान करेगी।