होजाई से निखिल कुमार मुन्दड़ा की रिपोर्ट
बंगाली परिषद
असम का 34वां स्थापना दिवस श्रीमंत शंकरदेव नगर के
निकट जोरापुखुरी में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के
राज्यपाल रमेन डेका और बंगाली परिषद के मुख्य सलाहकार शिलादित्य देब ने समाज की
एकता और विकास के लिए जोर दिया।रमेन डेका ने कहा कि असमिया और बंगाली समाज को
एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बंगाली समाज के योगदान को सलाम किया और
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के 'वंदे मातरम' शब्द की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि असमिया भाषा और संस्कृति ने विभिन्न चुनौतियों को पार कर आज भी
अपनी पहचान बनाए रखी है। शिलादित्य देब ने कहा कि बंगाली परिषद के सदस्य अपनी
मातृभाषा बंगाली के साथ-साथ असमिया भाषा को भी दूसरी मातृभाषा के रूप में स्वीकार
करते हैं। उन्होंने असम की सुरक्षा और विकास के लिए बंगाली परिषद की प्रतिबद्धता
दोहराई और सभी को भोगाली बिहू की शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम में ताराना कलाकार समूह, दिशा दिशा कलाकार समूह और अन्य कलाकारों ने
आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर भारी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया।
उपस्थित गणमान्यों में जिला आयुक्त विद्युत बिकाश भागवती, असम बंगाली परिषद के अध्यक्ष शांतनु सन्याल, होजाई जिला अध्यक्ष नारायण घोष और
कार्यकारी अध्यक्ष कानू रंजन दास शामिल थे।
