सिलचर से मदन सिंघल की रिपोर्ट
विश्व हिन्दी
दिवस के उपलक्ष्य में रविवार सिलचर हिंदी भवन सभागार में बराक हिन्दी साहित्य
समिति द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। "स्वर्गीय प्रमिला गोस्वामी
स्मृति हिंदी संगोष्ठी था। विषय "बराक घाटी में हिंदी की दशा और दिशा"
था। कार्यक्रम का प्रारंभ समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी की अध्यक्षता में
प्रदीप प्रज्वलन तथा हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। कार्यक्रम तीन सत्रों में
अनुष्ठित किया गया। पहले सत्र में बालार्क प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का
विमोचन तथा सम्मानित अतिथियों का व्याख्यान हुआ, जिसमें
गुरुचरण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ निरंजन रॉय, सिलचर विमेंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुजीत
तिवारी जी, प्रोफेसर डॉ पीयूष पांडेय, डॉ रमाशंकर, डॉ आकाश वर्मा, असम विश्वविद्यालय के राजभाषा अधिकारी
सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, पैलापुल जवाहर
नवोदय विद्यालय के प्राचार्य कुमार विश्वास राणा,और समिति के
अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष
परमेश्वर लाल काबरा ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। समिति के महासचिव प्रदीप कुमार
कुर्मी, संगोष्ठी के मुख्य संयोजक डॉ. सुजीत तिवारी, सह - संयोजक युगल किशोर त्रिपाठी के
नेतृत्व में आयोजित संगोष्ठी में बराक घाटी के हिंदी के लिए समर्पित रहने वाले
व्यक्तियों जिनमें दिलीप कुमार, फूलमती कलवार, राजकुमारी मिश्र, राजकुमार दुबे, श्रीमती अलका राणा को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही असम सरकार द्वारा युवा लेखक सम्मान से पुरस्कृत लेखक राजदीप राय, चंद्र कुमार ग्वाला और सर्वेश स्वर्णकार को
सम्मानित किया गया। दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए, जिसमें कई बालक बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा
का प्रदर्शित किया। तीसरे सत्र में निर्धारित विषय पर संगोष्ठी हुआ, जिसमें संगीता रविदास,अंबर पांडेय, राजदीप राय और
सिलचर विमेंस कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ रंजीत यादव ने अपने अपने शोधपत्र
उपस्थापित किए। अंत में शोधपत्र उपस्थापित करने वालों को प्रमाण पत्र देकर
सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान जन गण मन से कार्यक्रम की समाप्ति किया गया।
कार्यक्रम में समिति के उपाध्यक्ष क्रमशः कन्हैयालाल सिंगोदिया, अरुण कुमार महतो, सह - सचिव श्रीमती बिंदु सिंह, कार्यालय सचिव प्रमोद जायसवाल, सांगठनिक सचिव राजन कुंवर, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव श्रीमती कमला
सोनार, अंतरिम अंकेक्षक अनंतलाल कुर्मी, कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती किरण त्रिपाठी, श्रीमती सविता जायसवाल, सुवचन ग्वाला, बंशीलाल भाटी, सांवरमल काबरा, लालल प्रसाद ग्वाला, अनूप पटवा, श्रीमती
अपर्णा तिवारी सहित शताधिक व्यक्तिजन उपस्थित थे। असम विश्वविद्यालय में राजभाषा
विभाग में हिंदी अनुवादक पृथ्वीराज ग्वाला, सुप्रिया चौबे, मेघा कानू, प्रियल सिंह, दिव्यांशी पाण्डेय, मनीष पाण्डेय,अम्बर पाण्डेय,राहुल कानू,नीतीश तिवारी, पिंकी पाण्डेयआदि की उपस्थिति रही।
