साहित्य उत्सव के समापन समारोह में डीसी अनामिका तीवारी ने भाग लिया


 नगांव से रवींद्र शाह की रिपोर्ट 

मोरीगांव के अग्रणी साहित्य-संस्कृति मूलक संस्था शब्दकल्प के उद्यम में और मोरीगांव जिला प्रशासन के सहयोग से मोरीगांव शहर के बिहुतली में आयोजित साहित्य उत्सव और ग्रंथमेला 2026 के  अंतिम दिन की मुख्य सभा में मोरीगांव के जिला आयुक्त अनामिका तीवारी ने भाग लिया। आयोजक समिति के सभापति बबुमणि गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित सभा में जिला आयुक्त मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।उनके द्वारा दिए गए भाषण में नियमित रूप से ग्रंथ अध्ययन पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्रंथ को मानव ने प्रिय मित्र बनाकर लिया है, जिससे केवल ज्ञान अर्जन ही नहीं, समय के साथ सामंजस्य रख अपने आप को आगे बढ़ा सकते हैं। आज के डिजिटल युग में भी ग्रंथ का समादर और गुरुत्व किसी भी तरह से कम नहीं हुआ है, उन्होंने दृढ़ता से कहा। उन्होंने ऐसे एक आयोजन करने के लिए आयोजकों की प्रशंसा की। आयोजक समिति के लिए जितुमणि नाथ ने संचालन में मुख्य सभा का उद्घाटन मोरीगांव जिला परिषद के सभानेत्री प्रणति कलिता डेका ने किया।सभा में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उन्नयन आयुक्त अर्पा बागलारी और विशिष्ट निबंधकार मिलेश्वर पातर उपस्थित रहे। सभा के एक भाग के रूप में स्मृतिग्रंथ कल्पवृक्ष का विमोचन जागीरोड महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. भवेन चंद्र नेउग ने किया। सभा में मोरीगांव जिला साहित्य सभा के पूर्व सभापति महेंद्र शइकीया और आयोजक समिति के मुख्य उपदेष्टा बिरिंची कुमार शर्मा उपस्थित थे। सभा में प्रत्येक वक्ता ने ग्रंथ अध्ययन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सभा के एक भाग के रूप में चित्रांकन और तर्क प्रतियोगिता के पुरस्कार प्रदान किए गए।विशिष्ट कवि बलेन चंद्र बरुवा को शब्दकल्प साहित्य पुरस्कार, विशिष्ट कवि मदारज्योति को शब्दकल्प काव्य पुरस्कार और कृषक नेता, परिवेशकर्मी तुलसी डेका को प्रकृति बंधु उपाधि प्रदान की गई। शारीरिक अस्वस्थता के  कारण विशिष्ट लेखक साहित्यिक पेंशनर मनेश्वर देउरी को उनके निवास स्थान पर सम्मानित किया गया ।