अजमल सुपर-40 टॉपर्स का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया


 

होजाई से निखिल कुमार मुन्दड़ा की रिपोर्ट

जीवन का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए, बिना दबाव के वह चुनाव करें जिसमें आपकी वास्तविक रुचि हो," — उक्त बात होजाई के बरपोखरी स्थित मरियम अजमल महिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय परिसर में अजमल फाऊंडेशन द्वारा आयोजित अजमल सुपर-40 टॉपर्स सम्मान समारोह में  छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रॉयल ग्लोबल विश्वविद्यालय, गुवाहाटी के उपकुलपति डॉ. अशोक पंसारी 

ने कही। श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों और वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से उन्होंने छात्रों को एक उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप जिस भी क्षेत्र में जाएं अपने माता-पिता व गुरुजनों को हमेशा सम्मान दें व समाज हित के कार्यों में ही अपनी सेवाएं दें। वही, डॉ पंसारी ने अजमल फाऊंडेशन के सामाजिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि  मुझे पूर्ण विश्वास है कि जल्द ही होजाई  पूर्वोत्तर का एजुकेशनल हव होने जा रहा है।

गौरतलब है, मरियम अजमल महिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में अजमल सुपर-40 के 550 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। ये छात्र नीट और जेईई 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत के प्रतिष्ठित चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला पाने में सफल रहे।मुख्य अतिथि अमीरुद्दीन अजमल, अजमल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन, मुख्य वक्ता डॉ. अशोक पंसारी, अजमल सीएसआर और फाउंडेशन के ट्रस्टी मौलाना बदरुद्दीन अजमल, अजमल फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी सिराजुद्दीन अजमल, अनफर ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन मौलाना मुस्ताक अनफर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

उल्लेखयोग्य है कि वर्ष 2016 में शुरू हुए अजमल सुपर-40 कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना पूरा करने में सहायता करना है। यह कार्यक्रम आज राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्थान का प्रतीक बन चुका है।नीट 2025 में हिमंता पराना सैकिया ने 606 अंकों के साथ टॉप किया और एम्स रायपुर में दाखिला प्राप्त किया। पल्लो पाइते (588 अंक, एसटी श्रेणी में 15वां रैंक), मिनहाज उद्दीन बरभुइया (587), अली हैदर हुसैन (586), नबीद नवाज चौधुरी (576) और मुस्तक अहमद (570) जैसे छात्रों ने भी अपने अनुभवों के साथ अपनी सफलता की कहानी सुनाई। इनमें से अधिकांश छात्रों ने एम्स, गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला पाया है।जेईई 2025 में भी अजमल सुपर-40 के छात्रों ने शीर्ष स्थान हासिल किए। इंद्रजीत तिमुंग, शौनक दत्त चौधरी, गौतम दूरी और चिनाम जाइपाबी चन्नुवा ने क्रमशः आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी धनबाद और आईआईटी इंदौर में दाखिला प्राप्त किया।यह उल्लेखनीय है कि इनमें से अधिकांश छात्र आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से हैं। अजमल फाउंडेशन ने इन्हें मुफ्त कोचिंग, शैक्षणिक खर्चों का भुगतान और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराकर शैक्षणिक अवसरों को सुलभ बनाया है। यहां तक कि आर्थिक रूप से बेहतर वर्ग के छात्रों को भी विशेष छूट देकर उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग और मेंटरशिप प्रदान की गई है।अब तक 1,800 से अधिक छात्र चिकित्सा महाविद्यालयों में और 200 से अधिक इंजीनियरिंग के लिए जेईई के माध्यम से दाखिला पाकर सफल हुए हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है: 2019 में 22, 2020 में 82, 2021 में 150, 2022 में 240, 2023 में 350, 2024 में 450 और 2025 में 550 से अधिक छात्र सफल हुए हैं।

वहीं, मौलाना मुस्ताक अनफर ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चा हिंदू या मुस्लिम वह है जो समाज कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के काम करता है। उन्होंने अजमल फाउंडेशन के कार्यों की भी सराहना की। समारोह में अमीरुद्दीन अजमल, मौलाना बदरुद्दीन अजमल और सिराजुद्दीन अजमल ने शिक्षकों और कर्मचारियों, विशेष रूप से डॉ. खसरूल इस्लाम (निदेशक, अजमल फाउंडेशन), डॉ. एमआरएच आजाद ( प्रबंधक, अजमल फाउंडेशन) और अब्दुल कादिर (प्रोजेक्ट हेड, अजमल सुपर-40) के दूरदृष्टि भरे नेतृत्व की सराहना की। फाउंडेशन ने छात्रों और शिक्षकों को सम्मानित किया।अजमल सुपर-40 की कहानी केवल शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि आशा, दृढ़ता और सामाजिक परिवर्तन की एक दीपशिखा है—जो हजारों  युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस समारोह में अजमल लॉ कॉलेज, नाजिर अजमल स्मारक शिक्षा महाविद्यालय, मरियम अजमल महिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, अजमल आईएएस अकादमी के उन छात्रों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उक्त  कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यीक संगीत के साथ हुआ व कार्यक्रम के दौरान महान गायक जुबीन गर्ग को उनके गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी गई।